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रचना 1938

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जिन पंक्तियों में स्त्री ,दुःख और प्रेम है बस वहीं कविता है।

जिन पंक्तियों में स्त्री ,दुःख और प्रेम है बस वहीं कविता है।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें