समंदर से नदी ... नदी से बून्द बन जाने का समय है। ईश्वर नई संवेदनाएं रच रहा चुपके चुपके।
रचना 187623 मार्च 2020भाषा / Languageहिन्दीEnglishसमंदर से नदी✦समंदर से नदी ... नदी से बून्द बन जाने का समय है। ईश्वर नई संवेदनाएं रच रहा चुपके चुपके।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें