कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1768

भाषा / Language

प्रेम बस दो ही रंग का होता है

प्रेम बस दो ही रंग का होता है... "पत्थर" और " कपूर " 😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें