कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1640

भाषा / Language

दिल पक्का है पर ..आँखें नम

दिल पक्का है पर ..आँखें नम उड़ चली परी .... उड़ान कायम रहे आती हूँ जल्द आप सब का स्नेह भरपूर रहे😊😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें