कल्पनाशब्दों के बीच
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धूप में तो मेरा साया ही बहुत है

धूप में तो मेरा साया ही बहुत है ... मैं तो रात का सरमाया तलाश रही कल्पना💐
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें