कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1573

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मेरे नाम वाली दुआ तुम्हारी इस नस्ल को कभी न लगे ।

मेरे नाम वाली दुआ तुम्हारी इस नस्ल को कभी न लगे । 😢😢😢😢 सुन रहा है ना तू
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें