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खुशबुएँ तो कई हैं मुझमें

खुशबुएँ तो कई हैं मुझमें .... तुम सही गुलाब तो चुनो Happy rose day
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें