ककल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1419

भाषा / Language

मेरी आँखों के पास आज कोई वाज़िब वजह नहीं मुस्कुराने की

✦
मेरी आँखों के पास आज कोई वाज़िब वजह नहीं मुस्कुराने की.... अपना नाम लिख कर दिन शुरू कर रही क से.....
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें