कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 1359

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कुछ मुलाकातें लफ़्ज़ों में बयां नहीं होती

कुछ मुलाकातें लफ़्ज़ों में बयां नहीं होती... बस आँखों का इंतज़ाम भर होता है। अगली किश्त मिलने तक इतनी खूबसूरत तस्वीर के लिए Farha Nazeer जी आपको प्रेम पहुंचे।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें