अंतर है .... तुम खुले दरवाज़ों में भी दस्तक नहीं देते मैं बंद दरवाज़ों पर भी अपनी अर्जी धर आती हूँ
रचना 135324 सितंबर 2018भाषा / Languageहिन्दीEnglishअंतर है✦अंतर है .... तुम खुले दरवाज़ों में भी दस्तक नहीं देते मैं बंद दरवाज़ों पर भी अपनी अर्जी धर आती हूँकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें