मेरी गिरहों को एक तुम ही हो जो कविता कह सकते हो कागज़ वाला राज़ एक तुम से ही तो सांझा था।
रचना 126125 जुलाई 2018भाषा / Languageहिन्दीEnglishमेरी गिरहों को एक तुम ही हो जो कविता कह सकते हो✦मेरी गिरहों को एक तुम ही हो जो कविता कह सकते हो कागज़ वाला राज़ एक तुम से ही तो सांझा था।कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें