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रचना 1258

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काश कुछ देर तुम्हारा मौसम मेरी आंखों में उतर जाता ।

काश कुछ देर तुम्हारा मौसम मेरी आंखों में उतर जाता । सीली आंखें डबडबा लेती ।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें