कल्पनाशब्दों के बीच
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जो खूबसूरत है उसे लिखा जाना जरूरी

जो खूबसूरत है उसे लिखा जाना जरूरी जो नहीं है उसे बनाया जाना उससे भी जरूरी ज़िन्दगी समझती है ....इसलिए तुम्हें छूती है रोज़ की दस्तक ... हथेलियों में शब्द होठों पर मुस्कान लो कल्पना ! तुम्हें हुस्न मुबारक.... हुनर मुबारक !
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें