भाषा / Language
ज़िन्दगी" आज चली है "रूह" ढूंढने
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ज़िन्दगी" आज चली है "रूह" ढूंढने ....
या फिर
"रूह " आज चली है "ज़िन्दगी" ढूंढने .....
एक जैसा है
पर
है नहीं
पहले में ......
"मैं "मिल रही हूँ "तुमसे" !
दूसरे में .....
"मैं "मिल रही हूँ "खुद से" !
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें