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बारिश गुज़र जाने के बाद वाली ओस संजोने की आदत गयी नहीं मेरी

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बारिश गुज़र जाने के बाद वाली ओस संजोने की आदत गयी नहीं मेरी ..... देखो तुम इत्तू से आज भी बचे हो मेरे पास... एक लंबी उम्र सिमटने के बाद भी।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें