भाषा / Language
हम ऐसी जगहों में कभी नहीं लौटते जहां से एक बार हमारा सुकून…
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हम ऐसी जगहों में कभी नहीं लौटते जहां से एक बार हमारा सुकून लौट गया हो।
प्रेम पर नई कोंपल लगने का कोई खास महीना तय नहीं होता। रेत घड़ी प्रेम के लिए नहीं बनी होती ।बस हम बने होते हैं प्रेम के लिए।
लौटना यानी ......एक बार फिर गले लगा लेना भी होता है।
नया पुराना ..... आना जाना तय जो कर ले प्रेम ।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें