कल्पनाशब्दों के बीच
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दो सखियाँ

दो सखियाँ ..... समय से बहुत पहले बूढ़ी हो जाती हैं.. फिर भी इतराती फिरती हैं...... बूझो तो कौन? अरे! एक कलम .....दूजी औरत चाहो तो कलम वाली औरत या... औरत वाली कलम भी कह लो।
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