भाषा / Language
दो पल ही सही
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दो पल ही सही ....
सुन लेते हो ....तुम
मेरी ....वही वही सी बातें
और ...
मैं ...कह लेती हूँ तुमसे
अपनी ....वही वही सी बातें
लगता है .....दिन सरक गया
फिर .....वही रोज़ की रात नहीं हुई
फिर ....वही रोज़ वाला दिन न गया
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें