भाषा / Language
जब भी हम चाँद को आसमान की गोद से निकाल कर
✦
जब भी हम चाँद को आसमान की गोद से निकाल कर
खुद पर टांकने की कोशिश करते हैं .....
हम तारों से टूटते जाते हैं ।
फर्श पर चाहनाएँ बिखर जाती हैं
और .....
प्रेम काला पड़ जाता है ।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें