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ज़िन्दगी कितने भी रंग पहन ले

ज़िन्दगी कितने भी रंग पहन ले ... सफेद कागज़ पर नीली ही दिखाई देगी ठीक जैसे प्रेम ठीक जैसे वो उदासी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें