ककल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 1020

भाषा / Language

ज़िन्दगी कितने भी रंग पहन ले

✦
ज़िन्दगी कितने भी रंग पहन ले ... सफेद कागज़ पर नीली ही दिखाई देगी ठीक जैसे प्रेम ठीक जैसे वो उदासी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें