कल्पनाशब्दों के बीच
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शब्दों की ही नदी हूँ

शब्दों की ही नदी हूँ शब्दों के ही मोड़ हैं मेरे शब्दों के किनारे और शब्दों के ही नगर हैं मेरे असीम वेग कच्ची कल्पना का शब्दों का बांध शब्दों का बैराज शब्दों का ठहराव शब्दों का बदलाव असीम वेग ‎कच्ची कल्पना का सीख लूँगी पत्थर होना ... किसी रोज़ कोई किताब होना तब तक उफनती बयार शब्दों की मेरी नदी में बहने दो मैं कल्पना हूँ ... मुझे बस होने दो
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें