कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
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रचना 0977

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छोर ... इस शब्द को

छोर ... इस शब्द को "छू" लूँ ......तो कितना कुछ.... और "छूट" जाए तो कुछ भी नहीं...... ‎ कभी सोचती हूँ ... एक अक्षर का जुड़ना और न जुड़ना भी कितना वजूद रखता है । है ना? 😊😊😊😊😊
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें