कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0920

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तुमने हर बार मुझे कम दिया और मैंने हर बार उससे भी कम तुमसे…

तुमने हर बार मुझे कम दिया और मैंने हर बार उससे भी कम तुमसे लिया। परवाह को अक्सर प्रेम से कहते सुना होगा तुमने भी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें