कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 0901

भाषा / Language

छोटी छोटी खुशियां रखने के लिए बहुत सारे खाने बना लिए हैं मै…

छोटी छोटी खुशियां रखने के लिए बहुत सारे खाने बना लिए हैं मैंने खुद में..... कुछ इसी तरह से आते रहना ....तुम कभी कभी मेरे खाने ख़ाली नहीं रहने पाएं ज्यादा दिन।
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें