कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0851

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तस्वीर नई

तस्वीर नई ..... चेहरा वही .... सुकून कई.... कई बार यूं भी देखा है...ये जो मन की सीमा रेखा है मन तोड़ने लगता है । 😊😊😊😊याद
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें