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रचना 0797

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जितना जुड़ोगे .....उतना टूटोगे

जितना जुड़ोगे .....उतना टूटोगे खो देने का डर जुड़ने नहीं देगा..... जकड़ देगा इश्क़ ...तुम्हें दीपक सा बहा दिया आज जलते रहो आस पास । 😊😊😊😊😊याद
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें