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रचना 0760

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आज नदी शांत है ... कुछ बोलेगी नहीं शायद

आज नदी शांत है ... कुछ बोलेगी नहीं शायद मुस्कुरा रही ... आंखें मूंदें 😊😊😊😊😊 शुक्रिया याद
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें