भाषा / Language
हमारे उतारे हुए दिनों को तुम्हारा फिर फिर जी कर देखना
✦
हमारे उतारे हुए दिनों को तुम्हारा फिर फिर जी कर देखना
उन्हें कागज़ पर लिख कर देखना
तोहफ़ा रोज़ का .....
इक ऐसा भी ......
सिर्फ मेरे लिए
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें