भाषा / Language
ये रोज़ाना कौन मर जाता है दिनभर की ख्वाइशों के साथ
✦
ये रोज़ाना कौन मर जाता है दिनभर की ख्वाइशों के साथ ?
और कौन है जो अगली सुबह फिर पालना झुलाता है ?
शायद ....
उमींद होगी मुझमें लिपटी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें