भाषा / Language
मेरी रूह का मोती
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मेरी रूह का मोती....
सिर्फ मैं ही महसूस कर सकती हूँ
सिर्फ इस लिए कि ......मेरी बूँद
तुम्हारे सीप में
तुम्हारे समुन्दर की
तुम्हारी गहराईयों में
तुम्हारी हिसाब से बंद हो गयी
और
मेरे मोती होने को प्रमाणित करेगी
ऐसा कत्तई नहीं होगा
मैं ऐसा होने नहीं दे सकती
सीप की घुटन पी है मैंने
उसका अँधेरा जिया है मैंने
उसकी जकड़न पता है मुझे
उस एकाकीपन को जानती हूँ मैं
तभी मोती बन पायी हूँ
खुद से खुद को तराशा है मैंने
मल मल के चमकाया है खुद को
इसीलिए तुमसे जरा अलग हूँ मैं
पीला टूटा सीप हो गए हो तुम
पर
अब भी चमकती हुई मोती हूँ मैं
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें