अकेले हो कर ....बहुत दूर जा चुके अब तलक इस फेर ....चलो संग रहकर दूर चले बहुत दूर .... संग संग
रचना 046527 जून 2016भाषा / Languageहिन्दीEnglishअकेले हो कर ....बहुत दूर जा चुके अब तलक✦अकेले हो कर ....बहुत दूर जा चुके अब तलक इस फेर ....चलो संग रहकर दूर चले बहुत दूर .... संग संगकल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें