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रचना 0452

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गर "तुम"को "मैं" की फ़िक्र हो जाये

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गर "तुम"को "मैं" की फ़िक्र हो जाये बस "मैं" को "तुम" पर फक्र हो जाये खुदा कसम ....."हम" रिश्तों के बादशाह हो जाएँ
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें