कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0335

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अथाह ......शब्द छोड के गयी थी

अथाह ......शब्द छोड के गयी थी जब पिछली बार रुठी थी ... तुम आज तलक.... " मैं "को .....चुने बैठे हो ...... its okay.... यही कहा था ना तुमने ... मेरे जाते हुए .......
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें