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रचना 0317

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तुम.....मेरी नज़र में हो ....."सच" है

तुम.....मेरी नज़र में हो ....."सच" है और मैं ....तुम्हारे नज़रिये में ..... "सच्चाई " है इसलिए तुम "आइना " और मैं सिर्फ ....."मैं "
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें