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रचना 0315

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ज़िन्दगी की बिसात पर ,प्यादे हिलाना आ गया

ज़िन्दगी की बिसात पर ,प्यादे हिलाना आ गया अल्लाह शुक्र .....हमें भी रिश्ते निभाना आ गया कल्पना पाण्डेय
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें