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रचना 0255

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दो ही विकल्प रखते हैं

दो ही विकल्प रखते हैं .... जब कभी लिखते हैं तुम और रोशनाई या फिर ..... तुम और तन्हाई © कल्पना पाण्डेय
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें