कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 0198

भाषा / Language

चंद लफ़्ज़ों में तुम्हें क़ैद करना

चंद लफ़्ज़ों में तुम्हें क़ैद करना ...... रोज़ जूझना ..... लफ्ज़ चुनना ...... तुम्हें लिखना .....जरा जरा बस कह देना .....खरा खरा अच्छा लगता है ..... कलम के साथ ....वक़्त बिताना बस यूँ ही ..... ख्वाब चखकर..... सुकून पाना ..... अच्छा लगता है ..... कलम कह रही ....."ख्वाब" से हो तुम मेरे लिए तो ......"आप" से हो तुम
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें