कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0189

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वो कहते हैं

वो कहते हैं ...... खामोशियों की चुभन लफ़्ज़ों से कहीं ज्यादा ....... बहुत "भीतर" होती है पर ये भी सच है कि....... खामोशियों की पहल लफ़्ज़ों से कहीं ज्यादा ....... बहुत "बेहतर "होती है
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें