कल्पनाशब्दों के बीच
भाषा / Language
सभी रचनाएँ

रचना 0143

भाषा / Language

"मैं अकेला" ....."अकेला मैं

"मैं अकेला" ....."अकेला मैं " इतने बरसों में उसने मेरा हाथ नहीं छोड़ा सोचा की ........ "मैं अकेला "कहाँ जाऊंगा ? और आज इतने बरसों बाद उसने मेरा हाथ छोड़ दिया की देखें ....... "अकेला मैं "कहाँ जाऊँगा ? "गज़ब " है ना हम भी ! "अजब " है ना हम भी ! बरसों में "सच "ही नहीं "सोच "भी बदल लेते हैं
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें