कल्पनाशब्दों के बीच
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रचना 0076

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बेशक तू ले आजमाईशें मेरी

बेशक तू ले आजमाईशें मेरी भूलने न पाऊँ मैं नेमतें तेरी इल्तज़ा इतनी सी है खुदाया मेरे उभरें न हौंसले में दरारें मेरी
कल्पना पाण्डेय की फेसबुक लेखन-यात्रा सेसंग्रह में लौटें